भारत के हर कोने में कई तरह की फसलों की खेती की जाती है और ऐसे में किसान भाइयों को तलाश होती है. ऐसी फसलों की जिनकी खेती से उनकी आय में बढ़ोतरी हो सकें. इसी कड़ी में केले की खेती किसानों के लिए मुनाफे का जरिया बन सकती है. किसान अगर इस फसल की खेती नई तकनीकों को अपनाकर करते हैं तो एक एकड़ जमीन से दो से ढाई लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं.
ऐसे करें जुताई
अगर आप केले की खेती कर रहे हैं तो सबसे पहले अपने खेत की तैयारी अच्छे से कर लें. गर्मीयों में किसान जमीन की गहरी जुताई कर लें, ताकि जमीन की मिट्टी में धूप लग जाएं और मिट्टी में मौजूद जीवाणु पूरी तरह से खत्म हो सकें, ताकि खेत की मट्टी भी स्वस्थ रहें फसल भी कीटों से दूर रहें.
केले की खेती में ढेंचा का होना क्यों जरुरी?
अगर आप केले की बुवाई करने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले अपने खेतों में मई के महीने में ढेंचा जरुर बोए ताकि, जब आप जुलाई में केले की रपाई करें तो ध्यान रहें खेत में पहले ढेंचा मिला दें, जिससे यह फायदा होगा. खेती की मिट्टी में जैविक तत्व बढ़ जाते हैं और केले की फसल तेजी से बढ़ती है.
पौधे का चुनाव क्यों जरुरी?
केले की खेती में अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों का चुनाव बहुत मायने रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को हमेशा भरोसेमंद नर्सरी से ही पौधे खरीदने चाहिए. खराब या कमजोर पौधे लगाने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है.
पौधे लाने के बाद उन्हें तुरंत खेत में नहीं लगाना चाहिए। पहले उन्हें 2 से 4 दिन तक शेडनेट के नीचे रखना चाहिए. इससे पौधे खेत के वातावरण के अनुकूल हो जाते हैं और रोपाई के बाद तेजी से बढ़ने लगते हैं.
फंगीसाइड और पोषक घोल का छिड़काव जरूरी
आपने देखा होगा की नर्सरी से लाया गया पौधे कई बार कमजोर हो जाते हैं और उनकी जड़ों में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ध्यान रखें कि शेडनेट में रखते समय पौधों पर हल्के फंगीसाइड का छिड़काव करना फसल का बचाव करता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं.
इसके साथ ही 19:19:19 या 16:16:16 एनपीके घोल का छिड़काव करने से पौधों को शुरुआती पोषण मिल जाता है.
पौधों की देखभाल में पानी की अहम
जब तक पौधे शेडनेट में रखे हों, तब तक उनकी देखभाल करना भी बेहर ही जरुरी होता है. इसी के चलते किसानों को दिन में तीन से चार बार हल्का पानी देना चाहिए ताकि पौधे सूखने न पाएं और इससे पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं और पौधा खेत में लगने के बाद जल्दी बढ़ता है.
सही दूरी पर करें रोपाई
केले के पौधों को हमेशा हल्के ऊंचे बेड पर लगाना चाहिए और साथ ही पौधे से पौधे की दूरी लगभग 7 फीट और दूसरी दिशा में करीब 5.5 फीट रखनी चाहिए. इससे खेत में हवा और धूप का अच्छा प्रवाह बना रहता है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है.
इसके बाद जब आप खेत में पौधे लगा दें तो उसी रात हल्की सिंचाई जरूर करें. इससे मिट्टी पौधे की जड़ों से अच्छी तरह चिपक जाती है और पौधा जल्दी जम जाता है.
कब करें कटाई?
केले की फसल तैयार होने के बाद सही समय पर कटाई करना बेहद जरूरी होता है. विशेषज्ञों के अनुसार जब केले की मोटाई लगभग 32 से 33 मिलीमीटर हो जाए, तब उसकी कटाई करनी चाहिए.
अगर केले को ज्यादा समय तक पौधे पर छोड़ दिया जाए तो वह ज्यादा मोटा हो जाता है, जिससे बाजार में उसकी कीमत कम मिलती है. साथ ही ऐसे केले जल्दी खराब भी हो सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह