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Updated on: 3 April, 2023 2:00 PM IST
मशरूम की खेती

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के गंगू क्षेत्र में रहने वाले एक किसान नज़ीर ने सर्दियों के मौसम में शून्य से नीचे के तापमान में मशरूम उगाया है. नजीर के इस काम की काफी सराहना की जा रही है.

जम्मू का पुलवामा जिला दूध, केसर, सब्जियां, सेब और धान के उत्पादन के लिए जाना जाता है लेकिन अब मशरूम की खेती भी यहां स्थानीय लोगों के लिए खेती का एक जरिया बन गई है. कश्मीर में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होने से यहां का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है. इसको देखते हुए नज़ीर ने एक मशरूम उगाने वाली इकाई बनाकर उसमें सफलतापूर्वक मशरूम की खेती करना शुरू किया. उन्होंने कहा कि यह मेरी अथक मेहनत और कृषि विभाग के विशेषज्ञों की सलाह का परिणाम है.

नजीर ने 2018 में मशरूम की खेती का व्यवसाय शुरू किया और तब से वह कृषि विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं. उन्होंने निजी तौर पर इसकी इकाई स्थापित की है, लेकिन विभाग से जुड़े अधिकारियों द्वारा उन्हें नियमित रूप से सलाह दी जाती है. इस साल उन्होंने कुल 54 विभिन्न इकाइयां स्थापित कर ली हैं.  उन्होंने दावा किया है कि वह तीन मशरूम की फसलें उगा सकते हैं, जबकि कश्मीर घाटी में पारंपरिक रूप से केवल दो ही फसलें उगाई जाती रही हैं.

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पुलवामा मशरूम विकास अधिकारी शौकत अहमद ने कहा कि नजीर अहमद की निजी पहल से उनकी आमदनी में और इजाफा होने की संभावना है. उन्होंने कहा, "इस फसल की सफलता ने घाटी में अन्य किसानों के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है और हमारा विभाग किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इलाके में खेती से जुड़े नवाचार लाने का प्रयास कर रहा है. मशरूम की खेती अब पुलवामा जिले के स्थानीय लोगों के लिए एक आय का अतिरिक्त स्रोत बनती जा रही है, जो इसके पहले से ही विविध और फलते-फूलते कृषि क्षेत्र को जोड़ती है.

English Summary: Now mushroom cultivation is possible at sub-zero temperatures in Kashmir
Published on: 03 April 2023, 11:38 AM IST

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