आज हम किसानों के लिए ऐसी फसल के बारे में जानकारी लेकर आए है, जिसकी मांग बाजारों में हर मौसम में बनी रहती है. हम बात कर रहे हैं हाइब्रिड पपीते की खेती की जो तेजी से किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. साथ ही कम समय में कम लागत में किसान हाइब्रिड पपीते की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. ऐसे में सालभर बाजार में मांग, बेहतर कीमत और जल्दी तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए “मालामाल” होने का रास्ता खोल रही है.
आधे एकड़ में लाखों की कमाई
किसान अगर आधे एकड़ भूमि में हाइब्रिड पपीता लगाते है, तो वह 20 से 25 हजार रुपये की लागत में पूरी फसल तैयार कर सकते हैं. इसमें पौधों की खरीद, खाद, सिंचाई और देखभाल का खर्च शामिल है. वहीं, एक फसल से डेढ़ लाख से दो लाख रुपये तक का मुनाफा आसानी से हो जाता है. यही वजह है कि हाइब्रिड पपीते की खेती अब छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी फायदे का सौदा बन रही है.
सस्ता पौधा, भारी उत्पादन
हाइब्रिड पपीते की सबसे बड़ी खासियत इसकी उत्पादकता है. बाजार में इसका एक पौधा मात्र 7 से 8 रुपये में उपलब्ध हो जाता है. रोपाई के बाद जब पौधा फल देना शुरू करता है, तो किसान एक पेड़ से 60 से 70 किलो तक फल प्राप्त कर सकते है.
कितने महीने में मिलेगी फसल?
जहां किसानों को सालभर फसलों का इंतजार करना पड़ता है, वहीं हाइब्रिड पपीता इस मामलें में आगे हैं. इसकी रोपाई के 8 से 9 महीने बाद ही फल आना शुरु हो जाते हैं. इसके बाद किसान लंबे समय तक लगातार तुड़ाई कर सकते हैं. इससे किसानों की आय में भी इजाफा होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
कैसे करें खेती?
हाइब्रिड पपीते की खेती ज्यादा जटिल नहीं होती है. किसान अगर हल्की दोमट मिट्टी, अच्छी जल निकासी और समय-समय पर सिंचाई करते हैं, तो इस फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने के कारण इसमें किसानों को नुकसान भी अपेक्षाकृत कम होता है और सही देखभाल और संतुलित खाद देने से किसान आसानी से बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं.