Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 13 October, 2020 10:47 AM IST

किसी को इंप्रेस करना हो, मनाना हो या घर को सजाना हो, तो इसके लिए लोग फूल का इस्तेमाल खूब करते हैं. बाजार में भी हर चौक-चौराहे पर फूल विक्रेता मिल जाएंगे. क्या आम क्या खास, हर तबके के लोग गुलाब खरीदते दिखते हैं. त्योहार और शादियों में भी गुलाब की मांग सबसे अधिक रहती है. इसी वजह से कई किसान गुलाब की खेती कर रहे हैं. गुलाब की खेती से हमारे किसान भाइयों को फायदा भी हो रहा है. किसान भाई इससे लाखों की कमाई कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं गुलाब की उन्नत खेती करने का तरीका

खेती के लिए सही समय

आजकल गुलाब का प्रयोग अधिकतर चीजों में हो रहा है. लोग अपनी त्वचा को खुशनुमा रखने के लिए गुलाब जल का उपयोग करते हैं. यही वजह है कि गुलाब अधिकतर लोगों की पसंद बन चुका है. अगर बात करें गुलाब की खेती की, तो गुलाब की खेती सर्दी के दिनों में उत्तर और दक्षिण भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में ज्यादा होती है. इसकी खेती के लिए तापमान करीब 25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड और रात में तापमान 12 से 14 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़िया माना जाता है.

गुलाब की किस्में

विश्वभर में गुलाब की 20 हजार से ज्यादा किस्में मौजूद हैं. लेकिन कुछ ही किस्में अच्छी माना जाती हैं. इनमें राजहंस, जवाहर, बिरगो, गंगा सफेद, मृगालिनी गुलाबी, मन्यु डिलाइट नीला, मोटेजुमा, फलोरीवंडा समूह की चंद्रमा सफेद, गोल्डन टाइम्स पीला व जगुआर, बटन गुलाब समूह की क्राई-क्राई, देहली स्कारलेट, लता गुलाब समूह के देहली व्हाइट, पर्ल और डीरथा पर्मिन शामिल हैं.

ऐसे तैयार करें पौधे

गुलाब के कलम को क्यारी में 15 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाया जाता है. जब इसके शाखाएं निकलने लगती है, तो उन्हें हटा दी जाती है. इसके बाद अच्छी किस्म के गुलाब की टहनी लगा दें और पॉलीथिन में उन्हें ऊपर तक कसकर बांध दें. इसमें उर्वरक मिली मिट्टी भरी रहती है. इसके कुछ समय बाद इनमें टहनी निकल आती हैं. इसके बाद यह रोपाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाता है. किसान भाई इसे कहीं भी रोप सकते हैं.

गुलाब के पौधे लगाने का तरीका

गुलाब के पौधे की रुपाई के समय खास सावधानी बरतनी पड़ती है. पहले पौधे को लगभग 15 सेंटीमीटर ऊपर लगाएं. पौधे की रुपाई के समय पोलीथिन को हटा दें. यह भी ध्यान रखें कि पॉलीथिन को हटाते समय मिट्टी नहीं बिखरे. इसके बाद पौधे की रुपाई कर दें और तुरंत बाद उसकी सिंचाई करें.

पैदावार

गुलाब की खेती से किसानों को अधिक कमाई हो रही है. एक एकड़ की जमीन में लगभग 30 से 40 किलो या इससे ज्यादा भी फूल मिल जाते हैं. राजस्थान का एक किसान जो पढ़ाई-लिखाई कर गुलाब की खेती से हर साल 40-45 लाख रुपए कमा रहा है. खेती के लिए उसने इंफोसिस की नौकरी तक छोड़ दी.

English Summary: How to farm Rose, know everything about it
Published on: 13 October 2020, 10:51 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now