खुशखबरी! किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, 25 साल तक होगी तगड़ी कमाई खुशखबरी! किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, 25 साल तक होगी तगड़ी कमाई सरकार का बड़ा कदम: फर्जी BPL कार्ड पर 20 अप्रैल से पहले सुधारें डेटा, नहीं तो होगी FIR! सरकार का बड़ा कदम: फर्जी BPL कार्ड पर 20 अप्रैल से पहले सुधारें डेटा, नहीं तो होगी FIR! Black Pepper: छत्तीसगढ़ का कोंडागांव बना काली मिर्च का नया हब, जानें कैसे यहां के किसान बढ़ा रहे अपनी उपज Black Pepper: छत्तीसगढ़ का कोंडागांव बना काली मिर्च का नया हब, जानें कैसे यहां के किसान बढ़ा रहे अपनी उपज Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 9 October, 2022 11:34 AM IST
खजूर की खेती
खजूर की खेती

भारत में पारंपरिक फसलों के साथ- साथ बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किसानों को काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी दोगुना करना और किसानों को समृद्ध बनाना है. इसी कड़ी में हरियाणा सरकार खजूर की खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख 40 हजार तक की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है. किसानों को योजना का लाभ सही तरीके से मिले सके इसके लिए रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है.

खजूर की खेती को सब्सिडी देने का कारण

खेती- किसानी के क्षेत्र में हरियाणा एक समृद्ध राज्य है. यहां किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी फसलों में भी कई प्रकार के प्रयोग कर रहे हैं. हरियाणा में खजूर की खेती को बढ़ावा देने के पीछे का कारण यहां की मिट्टी और जलवायु है. दक्षिणी हरियाणा की मिट्टी और जलवायु को खजूर की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. दरअसल यहां की मिट्टी रेतीली है जिसमें खजूर के पौधों का विकास बड़ी ही आसानी से होता है ओर पेड़ पर जल्दी फल लगने लगते हैं.

ये भी पढ़ें: जैविक खेती हो रही है देश के इस जिले में पॉपुलर, 2500 से ज्यादा किसानों ने दिया सरकार का साथ, जानें पूरी खबर

कैसे प्राप्त करें सब्सिडी

  • किसानों को खजूर की खेती करने पर सरकार अधिकतम 1 लाख 40 हजार तक की सब्सिडी दे रही है. लेकिन सिर्फ 10 एकड़ तक की जमीन पर ही सब्सिडी मिलेगी.

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट fasal.haryana.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा.

  • इसके अलावा किसान इस योजना से जुड़ी ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए हरियाणा बागवानी विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.

खजूर की खेती पर एक नजर

खजूर को सूखे मावे और कई अन्य प्रकार की चीजें बनाने में उपयोग किया जाता है. इसकी खेती रेतीली मिट्टी और बंजर जमीन में ज्यादा अच्छे तरीके से होती है. कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए खजूर की खेती किसी वरदान से कम नहीं है. एक बार रोपाई करने के बाद इसका पौधा 5 साल के अंदर फल देने लगता है. इसके उत्पादन को अगर देखा जाए तो 70 से 100 कि. ग्राम तक इसका उत्पादन हो जाता है. सूखा प्रभावित क्षेत्र के किसानों के लिए यह अच्छी आमदनी का जरिया है.

English Summary: haryana government is giving the subsidy of more than one lakh to dates farming
Published on: 09 October 2022, 11:38 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now