Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 29 October, 2020 3:03 PM IST

उन्नत तरीके से खेती करने के लिए किसानों के पास ये जानकारी होनी बेहद जरुरी है कि वो किस माह में कौन - सा कृषि कार्य करें. क्योंकि, मौसम फसलों को बहुत प्रभावित करता है. इसलिए तो रबी, खरीफ और जायद तीनों ही सीजन में अलग- अलग फसलों की खेती की जाती है ताकि फसल की अच्छी पैदावार ली जा सकें. ऐसे में आइये जानते है कि नवंबर माह में किसान कौन -सा कृषि कार्य करें-

गेहूं

  • धान की कटाई के बाद गेहूं के लिए खेत की तैयारी तत्काल कर लें. देख लें कि मिट्टी भुरभुरी हो जाये और ढेले न रहने पायें..

  • प्रमाणित और शोधित बीज ही बोयें.

  •  यदि बीज शोधित न हो तो प्रति किलोग्राम बीज को 2.5 ग्राम अनुशंसित कीटनाशक से शोधित कर लें.

  •  खाद और बीज एक साथ डालने के लिए फर्टी-सीड ड्रिल का प्रयोग करना अच्छा होगा.

राई

  • बुवाई के 15-20 दिन के बाद घने पौधों की छटनी करके पौधों की आपसी दूरी 15 सेमी कर लें.

  • बुवाई के 5 सप्ताह के बाद पहली सिंचाई और फिर ओट आने पर प्रति हेक्टेयर 75 किग्रा नाइट्रोजन का छिड़काव करें.

चना

  • बुवाई के 30-35 दिन के बाद निराई-गुड़ाई कर लें.

मटर

  • मटर में बुवाई के 20 दिन के निराई कर लें.

  • बुवाई के 40-45 दिन बाद पहली सिंचाई करें. फिर 6-7 दिन बाद ओट आने पर हल्की गुड़ाई भी कर दें.

मसूर

  • बुवाई के लिए 15 नवंबर तक का समय अच्छा है.

शीतकालीन मक्का

  • सिंचार्इ की सुनिश्चित व्यवस्था होने पर रबी मक्का की बुवाई माह के मध्य तक पूरी कर लें.

  • बुवाई के लगभग 25-30 दिन बाद पहली सिंचाई कर दें.

  • पौधों के लगभग घुटने तक की ऊँचार्इ के होने या बुवाई के लगभग 30-35 दिन बाद प्रति हेक्टेयर 87 किग्रा यूरिया की टाप ड्रेसिंग कर दें.

शरदकालीन गन्ना

  • बुवाई के 3-4 सप्ताह बाद निराई-गुड़ाई कर लें.

बरसीम

  • बुवाई के बाद 2-3 सिंचार्इ एक-एक हफ्ते पर और फिर आवश्यकतानुसार हर 20-25 दिन पर करते रहें.

  • बुवाई के 45 दिनों के बाद पहली कटार्इ करें.

जई

  • नवंबर का पूरा महीना चारे हेतु जई बोने के लिए अच्छा है.

सब्जियों की खेती

  • आलू की कुफरी बहार, कुफरी बादशाह, कुफरी अशोका, कुफरी सतलज, कुफरी आनन्द तथा लाल छिलके वाली कुफरी सिन्दूरी और कुफरी लालिमा मुख्य प्रजातियाँ हैं.

  • आलू की बुवाई यदि अक्टूबर में न हो पायी हो तो अब जल्दी पूरी कर लें.

  • टमाटर की बसन्त/ग्रीष्म ऋतु की फसल के लिए पौधशाला में बीज की बुवाई कर दें.

  • प्याज की रबी फसल के लिए पौधशाला में बीज की बुवाई करें.

बागवानी कार्य

  • आम एवं अन्य फलों के बाग में जुताई करके खरपतवार नष्ट कर दें.

  • केले में पर्ण धब्बा एवं सड़न रोग से छुटकारा पाने के लिए अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें.

पुष्प व सगन्ध पौधे

  • देशी गुलाब की कलम काटकर अगले वर्ष के स्टाक हेतु क्यारियों में लगा दें.

  • ग्लेडियोलस में स्थानीय मौसम के अनुसार सप्ताह में एक या दो बार सिंचाई करें.

मुर्गीपालन

  • लेयर फीड और सीप का चूरा दें.

English Summary: Farmers must do these agricultural and horticultural works to get good yield
Published on: 29 October 2020, 03:18 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now