Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 24 January, 2022 1:25 AM IST
Rose Gardening

गुलाब की व्यावसायिक खेती (Commercial Rose Cultivation) अत्यधिक लाभदायक हो सकती है, क्योंकि गुलाब के फूलों की मांग बढ़ती जा रही है. गुलाब के फूलों का इस्तेमाल कटे हुए फूल, गुलदस्ते बनाने, उपहार देने के साथ-साथ गुलाब आधारित उत्पादों जैसे गुलाब जल, गुलकंद, इत्र और सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण के लिए किया जाता है.

गुलाब की खेती घरेलू स्तर पर गमलों में, घर के पिछवाड़े में, खेतों में, छतों पर या घर के अंदर की जा सकती है. वैसे तो गुलाब का व्यावसायिक उत्पादन खुली हवा और पॉलीहाउस (Polyhouse ) दोनों में किया जा सकता है, लेकिन अच्छी उच्च गुणवत्ता वाले गुलाब की खेती मुख्य रूप से पॉलीहाउस में की जाती हैं. जहां पर्यावरण की स्थिति नियंत्रण में होती है. ग्रीन हाउस (Greenhouse) में अधिक उपज वाले उच्च गुणवत्ता वाले गुलाब प्राप्त होते हैं, इसलिए गुलाब की खेती (Rose Cultivation) के लिए ग्रीन हाउस तकनीक काफी अच्छी मानी जाती है.

ग्रीन हाउस तकनीक के लिए मुख्य बातें (Key Points For Greenhouse Technology)

  • ग्रीन हाउस तकनीक के लिए मध्यम जलवायु वाली जगह का चयन करना चाहिए.

  • सूरज की पर्याप्त रौशनी आती हो.

  • कम बरसात और ज्यादा तेज हवाएं ना चलती हों. इसके अलावा ग्रीन हाउस बनाने के लिए पानी का स्रोत और जल निकासी की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए.

  • तेज हवाओं से गुलाब आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, इसलिए उन्हें सीधी हवा से बचाने की जरूरत होती है.

  • पौधों को छाया में नहीं उगाना चाहिए.

इसे पढ़ें - अप्रैल माह गुलाब की खेती करने वाले किसान इन बातों का रखें खास ध्यान

गुलाब की उन्नत किस्में (Improved Varieties Of Roses)

दुनियाभर में गुलाब की 120 किस्में हैं. गुलाब की खेती के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण किस्में हैं, जिनसे अधिक मुनाफा मिलता है जैसे रोजा डैमसेना, रोजा फोएटिडा, रोजा चिनेंसिस, रोजा गैलिका हैं. इसके अलावा गुलाब की दो मुख्य किस्में हैमं, जो गुलाब की खेती के लिए काफी लाभदायक हैं. इनका नाम पूसा अरुण और पूसा शताब्दी किस्म है. यह किस्में 35 – 40 दिन के अन्दर तैयार हो जाती है.

गुलाब में रोग (disease in roses)

गुलाब के पौधे में कला धब्बा रोग लगने की सम्भावना रहती हैं. ऐसे में किसानों को पौधों की समय-समय पोर कटाई करते रहना चाहिए. इसके अलावा जैविक दवाओं का छिड़काव भी करते रहना चाहिए.

English Summary: farmers' income will increase due to advanced cultivation of roses, know this technique
Published on: 24 January 2022, 03:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now