Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 15 February, 2022 4:13 PM IST
Improved Varities Of Brinjal

फसलों की पैदावार बढ़ाने में उन्नत और अच्छी किस्मों (Improved And Good Quality) की बहुत बड़ी भूमिका होती है, क्योंकि अच्छी किस्म ही सफल खेती का और किसानों की खुशहाली का आधार होती है. ऐसे में बेहतर उत्पादन के लिए किस्मों का सही चयन करना चाहिए. तो आइए आज हम आपको बैंगन की कुछ उन्नत किस्मों (Some Improved Varieties Of Brinjal) की जानकारी देते हैं, जिससे आपको ज्यादा उत्पादन मिलने के साथ-साथ अच्छा मुनाफा भी मिलेगा.

बता दें कि बैंगन क्षेत्रफल और उत्पादन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण सब्जी होती है. इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के कारण बाज़ार में बहुत अधिक कीमत नहीं होती हैं, इसलिए आम लोग बैंगन खरीदना पसंद करते हैं. बैंगन की सब्जी विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों में उगाई जाती है और इसलिए बैंगन की खेती (Brinjal Farming ) पूरे देश में की जाती है. पिछले 15-20 वर्षों के दौरान अनुसंधान के माध्यम से बैंगन की कई उन्नत और संकर किस्मों को विकसित किया गया है. जिनमें से कुछ उन्नत किस्में पूसा पर्पल क्लस्टर, पूसा परपल राउंड, पूसा परपल लोंग एवं पूसा हाईब्रिड-6 आदि हैं.

पूसा पर्पल लॉन्ग किस्म (Pusa Purple Long variety)

बैंगन की यह किस्म आमतौर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में उगाई जाती है. इस प्रकार का बैंगन लंबा और चमकदार और हल्के बैंगनी रंग का होता है. इसकी उपज क्षमता 25-27 टन प्रति हेक्टेयर है.

इसे पढ़ें - बैंगन की खेती के लिए इन उन्नत क़िस्मों की बुवाई करें

पूसा पर्पल क्लस्टर किस्म (Pusa Purple Cluster variety)

यह किस्म भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गयी है. यह किस्म के  फल मध्यम आकार के होते हैं, साथ ही इनकी लम्बाई (10-12 सेमी होती है. यह फलों के साथ उच्च उपज देने वाली, जीवाणु विल्ट प्रतिरोधी बैंगन किस्म है. गहरे बैंगनी रंग के आयताकार फल गुच्छों में पैदा होते हैं.

पूसा पर्पल राउंड किस्म (Pusa Purple Round variety)

ये बैंगन आकार में गोल और बैंगनी रंग के होते हैं, जिनका वजन औसतन 130-140 ग्राम होता है. हरे-बैंगनी रंग के मोटे तने के साथ पौधे बहुत लंबे होते हैं.

English Summary: cultivation of these varieties of brinjal gives more profit than cost
Published on: 15 February 2022, 04:19 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now