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Updated on: 21 January, 2026 1:28 PM IST
सर्दी में करें तरबूज की खेती (Image Source -Freepik)

देश के किसान अगर खेती सही समय के अनुसार करते हैं, तो वह तगड़ा मुनाफा कमा लेते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में हर किसान के मन में बस यह सवाल है कि कौन-सी फसल उनकी आमदनी में इजाफा कर सकती हैं. ऐसे में अगर किसान भाई तरबूज की खेती करते हैं, तो वह अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं. साथ ही इस फल की गर्मी के मौसम में भी बाजारों में भी अधिक डिमांड बनी रहती है, जिसके चलते किसानों को इस फसल के अच्छे दाम मिल सकते हैं. आगे जानें इस फसल से जुड़ी सभी जानकारी.

अगेती बुवाई का सही समय

किसान अगर अगेती तरबूज की खेती कर रहे हैं, तो वह दिसंबर से जनवरी के बीच इस फसल की बुवाई करें. इस दौरान तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है. इसके अलावा तरबूज की खेती करते दौरान किसान सही किस्म का जरुर चुनाव करें ताकि यह समय से पहले अच्छी पैदावार दें, जिससे मुनाफे की भी संभावना बढ़ जाए.

खेत की तैयारी से तय होती है पैदावार

फसल की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे ज्यादा मायने रखती है. ऐसे में किसान बुवाई पहले खेत 2-3 बार गहरी जुताई करें और खेत को समतल करें. इसके बाद खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कम्पोस्ट या अन्य जैविक खाद को खेत में अच्छी तरह से छिड़काव करने के साथ ही ट्राइकोडर्मा का उपयोग करें ताकि, मिट्टी में मौजूद हानिकारक फफूंद से पौधे बचे रहे और पौधे स्वस्थ रहें.

मेड़ों पर करें बुवाई

अगर आप अगेती तरबूज की खेती कर रहें है, तो जल निकास का खासतौर से ध्यान रखें. इसके अलावा इस फसल की बुवाई मेड़ों पर ही करें, जिससे किसानों को यह फायदा होगा की अगर खेतों में पानी भर जाता है, तो इस स्थिति में पौधे सड़ने का खतरा कम हो जाएगा. साथ ही पौधों में रोग लगने का भी खतरा कम हो जाएगा.

कितनी मिलेगी उपज?

गर्मी के अप्रैल–मई के महीने में जैसे ही तापमान बढ़ता है, तरबूज की मांग तेजी से बढ़ जाती है. इस समय शादी–विवाह, धार्मिक कार्यक्रम और रोजमर्रा की खपत के चलते बाजार में तरबूज की खपत अधिक होती है. ऐसे में अगर किसान भाई जनवरी के महीने में करते हैं, तो 60-65 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है, जिससे सही प्रबंधन से किसानों को 30 टन तक उपज मिल सकती है.

कितना होगा मुनाफा?

अगर किसान भाई सर्दी के मौसम में एक बीघा जमीन में खेती करते हैं, तो उनको करीबन 18 से 20 हजार रुपये की लागत आती है. इसमें बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी का खर्च शामिल होता है.

वहीं, अगर इस फसल को सही देखभाल मिल जाए तो बाजार में पहुंचाने पर एक बीघा से 70 से 80 हजार रुपये तक की आमदनी किसानों को आसानी से हो सकती है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Cultivating watermelons in winter will change farmers bumper earnings April-May
Published on: 21 January 2026, 01:39 PM IST

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