आज के समय में किसान भाई गेंहू, चने की खेती करने के अलावा अन्य फसलों की ओर भी बड़ रहे हैं, जिनमें फूलों की खेती सबसे अधिक लोकप्रिय हो रही है. साथ ही अगर किसान भाई सर्दी के मौसम में फूलों की खेती करते हैं, तो वह कम लागत में अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं. इस मौसम में यह खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है, क्योंकि फूलों की मांग बाजारों में बारह महीने बनी रहती है शादी में नवरात्री जैसे बड़े पर्व में मार्किट में फूलों की डिमांड बड़े पैमाने पर बढ़ जाती है, जिससे किसानों की तगड़ी कमाई हो जाती है, तो आइए यहां जानें किन फूलों की खेती से अच्छी आमदनी हो सकती है.
फूलों की खेती क्यों है फायदेमंद?
किसान अगर फूलों की खेती करते हैं, तो वह कम समय में अच्छी फसल तैयार सक सकते हैं. साथ ही इस फसल की खासियत यह है कि पारंपरिक फसलों के मुकाबले फूलों की खेती में जोखिम कम होता है, क्योंकि फूलों की मांग सालभर बनी रहती है. खास मौकों पर फूलों की कीमत भी बढ़ जाती है, जिससे किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो जाता है. अगर कोई किसान फूलों की खेती जनवरी-फरवरी में करना शुरु करता है, तो वह अप्रैल-मई तक फूलों की फसल आसानी से तैयार कर सकता है और बाजारों में बेचकर अच्छी आय अर्जित कर सकता है.
किन फूलों की खेती से मिलेगा ज्यादा लाभ
किसान अगर अप्रैल–मई की मांग को ध्यान में रखते हुए इन फूलों की वैरायटी को अपनाते है, तो अच्छा मुनाफा कमा सकते है. इनमें गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा गुलदाउदी और अलमंडा प्रमुख हैं.
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गेंदा: इस फूल का उपयोग नवरात्रि, पूजा और शादी-ब्याह में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है.
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गुलाब: गुलाब के फूल का इस्तेमाल सजावट, पूजा और व्यक्तिगत उपयोग में इसकी मांग हमेशा रहती है.
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रजनीगंधा: इस फूल की मांग इसकी खुशबू और सुंदरता के कारण होती है. साथ ही शादी समारोहों में इस फूल को खास पसंद किया जाता है.
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गुलदाउदी: यह एक ऐसा फूल है, जो लंबे समय तक टिकने वाला है, जिससे किसानों को भी लाभ मिल जाता है. वह इस फूल की बिक्री आसानी से अगले दिन भी कर सकते हैं.
बता दें कि इन फूलों की खेती स्थानीय जलवायु के अनुसार आसानी से की जा सकती है और बाजार में इनकी डिमांड लगातार बनी रहती है.
कितना मिलेगा मुनाफा?
किसान अगर इन फूलों की खेती एक छोटे स्तर पर करते हैं, तो वह लगभग 15 से 20 हजार रुपये का निवेश में पौधे, खाद, सिंचाई, मजदूरी को मिलाकर इतने खर्च में फूलों की खेती की शुरुआत कर सकते हैं. साथ ही अगर फूलों को सही देखभाल मिल जाए और सही समय पर बाजार में बेचा जाए, तो तीन महीनों के अंदर किसान सीजन में फूलों से लाखों रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.
सरकारी योजनाओं का भी उठाएं लाभ
अगर किसान फूलों की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो वह सबसे पहले उद्यान विभाग में पंजीकरण कराएं. इसे कराने से किसानों को पौधों और अन्य इनपुट्स पर अनुदान का लाभ मिल सकता है. साथ ही लागत और कम हो जाती है. इसके अलावा, जैविक खाद और प्राकृतिक तरीकों से खेती करने पर फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे बाजार में अच्छे दाम मिलने की गुंजाइश हो जाती है.