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Updated on: 24 April, 2026 6:22 PM IST
पूसा धरणी (सी.पी-473) लोबिया (Image Source-istockphoto)

देश के किसान ग्रीष्मकालीन सीजन में कई फसलों की खेती करते हैं, लेकिन कम मुनाफा होने के कारण उनको तलाश रहती है. उन उत्तम फसलों की जिनकी खेती कर आय में बढ़ोतरी हो सकें. ऐसे में किसानों के लिए लोबिया की फसल किसानों के लिए तगड़ी कमाई का जरिया बन सकती है. साथ ही बाजारों में भी इस सब्जी की मांग बनी रहती है. इस वजह से आमदनी बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है.

आइए आगे इस लेख में जानते हैं लोबिया की उत्तम किस्म के बारे में विस्तारपूर्वक-

पूसा धरणी (सी.पी-473) लोबिया

पूसा धरणी लोबिया की किस्म भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा विकसित किस्म है, जिसकी

बाजारों में हमेशा मांग बनी रहती है और किसानों को मुनाफे की संभावनाएं बढ़ जाती है. साथ ही अगर इन राज्यों - राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, के किसान भाई अगर इस किस्म की खेती करते हैं, तो 14.0 टन/हेक्टेयर तक अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं और अचछी आय अर्जित कर सकते हैं.

ऐसे करें खेत की तैयारी

अगर आप इस किस्म की बुवाई करने की सोच रहे हैं, तो जल निकासी वाली दोमट या हल्की भारी मिट्टी इसके लिए उत्तम मानी जाती है. साथ ही इस फसल की पैदावार से पहले किसान भाई अपने खेतों की अच्छे से जुताई कर लें एक से दो बार फिर उसके बाद ही क्यारियां (Raised Beds) तैयार करें. ऐसा करने से इस किस्म से अच्छा उत्पादन प्राप्त हो सकता है.

बीज और बुवाई कैसे करें?

अगर आप इस फसल की बुवाई करने जा रहे हैं, तो बीज दर करीबन 20-25 कि.ग्रा की मात्रा में रखें और साथ ही बीजों को कार्बेंडाजिम या थीरम (2-3 ग्राम/किलोग्राम बीज) से उपचारित करें ताकि फंगल रोगों से बचाव किया जा सकें.

इसके अलावा, कतार की दूरी लगभग  45-60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 10-15 सेमी रखें, ताकि फसल से अच्छी उपज प्राप्त हो सकें.

खाद और उर्वरक प्रबंधन ऐसे करें

पूसा धरणी (सी.पी-473) लोबिया की किस्म की बुवाई करते वक्त किसान भाई खेत की तैयारी करते दौरान 10-15 टन गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें. इसके बाद प्रति एकड़ लगभग 20-25 किलो नाइट्रोजन, 40-50 किलो फास्फोरस और 20-25 किलो पोटाश की पूरी मात्रा फसल की बुवाई के समय दें.

सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण

इस किस्म की गर्मियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें, क्योंकि फूल आने और फली बनते समय नमी बहुत जरूरी होती है. इसलिए 7-10 दिनों के बीच में फसल की सिंचाई करनी बेहद ही जरुरी  है और ध्यान रहें बुवाई के 3-4 सप्ताह बाद एक-दो बार निराई-गुड़ाई अवश्य करें.

कितनी होगी कमाई?

किसान भाई अगर इस फसल यानी पूसा धरणी (सी.पी-473) लोबिया किस्म की खेती करते हैं, तो बढ़िया आमदनी अर्जित कर सकते हैं, क्योंकि बाजारों में भी इस किस्म अच्छी-खासी मांग बनी रहती है और किसानों को इस सब्जी के दाम भी अच्छे मिल जाते हैं. ऐसे किसान अगर इस किस्म पैदावार करते है, तो इससे वे 60-70 हजार की कमाई आसानी से कर सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Cowpea Cultivation in Summer Earn Upto 70000 Low Cost Farming
Published on: 24 April 2026, 06:27 PM IST

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