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Updated on: 5 January, 2026 6:21 PM IST
दिसंबर, जनवरी में आम के बागों में गुजिया और मिंज कीट के प्रकोप से ऐसे करें बचाव (Image Source-AI generate)

आम के गुणवत्तापूर्ण पैदावार के लिए दिसंबर और जनवरी महीने में कीट नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है उद्यान विभाग के विशेषज्ञोंने चेताया है कि इन महीना में गुजिया और मिज किट का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। जिससे बागों को गंभीर रूप से नुकसान हो सकता है। 

गुजिया कीट के शिशु मिट्टी से निकलकर पेड़ों पर चढ़ते हैं मुलायम पत्तियां और मंजरी एवं छोटे फलों का रस चूस कर पौधों को कमजोर कर देते हैं। अगर किसान भाई समय पर नियंत्रण न  हो ने पर उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। वहीं मिंज कीट की मादा बौर और छोटे फलों पर अंडे देती है दो-तीन दिन के बाद निकलने वाले लार्वा बैर को सुखाकर गिरा देते हैं। जिससे अगले मौसम की फल पैदावार प्रभावित होती है।

मुख्य उद्यान विशेषज्ञ लोगों का कहना है कि समय रहते इसकी गहरी जुताई गुडाई अवश्य करें जिस मिट्टी में मौजूद लार्वा एवं प्यूपा नष्ट हो जाते हैं। जो किसान भाई अभी तक जुताई नहीं कर सके हैं समय रहते जल्द से जल्द जुताई करें यह प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें गुजिया कीट नियंत्रण के लिए उन्होंने पेड़ों के मुख्य तने पर 5060 से,मी ऊंचाई पर 400 गेज पॉलिथीन की 50 सेंटीमीटर चौड़ी पट्टी कसकर बाधने और उसके ऊपर निचले हिस्से पर ग्रीस लगाने वैज्ञानिकों ने सलाह दी है अधिक प्रकोप को स्थिति दिखाई देने पर क्लोरोपाइफास के चूर्ण या कार्बोसलफान एवं डायमेथोएट का छिड़काव प्रभावी बताया गया है।

कली फूटने की अवस्था में 15 दिन के अंतराल पर डायमेथोएट दो एम एल प्रति लीटर पानी में घोलकर दो बार छिड़काव करें इस प्रक्रिया को करने से कीटों की संख्या में कमी आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर नियंत्रण उपाय अपनाने से आम के बागों में बेहतर उपज प्राप्त होती है।

लेखक -रबीन्द्रनाथ चौबे, ब्यूरो चीफ, कृषि जागरण, बलिया, उत्तरप्रदेश।

English Summary: Better mango yields mango hopper pest can cause serious damage know how to prevent it here
Published on: 05 January 2026, 06:34 PM IST

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