Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 19 November, 2019 6:32 PM IST

दिवाली के बाद लगातार सब्जियों के दाम बढ़त जा रहे हैं. जिसके कारण आम आदमी परेशान है. प्याज और टमाटर का हाल पूछने का मतलब आदमी को बेहला करने जैसा हो गया है. सब्जियों को लेकर व्यापारियों का कहना यही है कि मानसून के कारण प्याज और टमाटर महंगें हो गये हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के हालात कुछ अलग ही तस्वीर बयां कर रही है.

कुछ दिन पहले तक जो प्याज शतक लगाकर 100 रूपये प्रति किलो हो गया था आज वो राज्य में 30 से 40 रूपये हो गया है. 10 दिन से कम के अंदर भावों में आई इतनी बड़ी गिरावट प्याज की काला बाजारी की तरफ संकेत करती है. दरअसल बढ़ते हुए प्याज के दामों को देखते हुए यहां स्टेट गवर्नमेंट ने सरकारी काउंटर लगाकार प्याज बेचना शुरू किया. सरकारी काउंटर पर प्याज 50 रूपये प्रति किलो बेचे जा रहे हैं. जिसके चलते अचानक बाजार में प्याज के दाम 80-90 रूपये से घटकर 30 से 45 रूपये हो गये है.

बारिश ने बढ़ाया प्याज का दाम

बता दें कि सितम्बर-अक्टूबर माह की भारी बारिश ने महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में प्याज को भारी नुकसान पहुंचाया था. जिस कारण वर्तमान में प्याज के दाम बढ़े हुए हैं. दिन-प्रतिदिन बढ़ते हुए प्याज के दाम दिल्ली में उछलकर 100 रूपये किलो तक हो गये थे. जिस कारण सरकार हरकत में आ गयी.

जमाखोरों पर है आयकर की नजर

प्याज की जमाखोरी पर आयकर विभाग नजर बनाये हुए है. पिछले दिनों ही जमाखोरी की खबर पर एक्शन लेते हुए आयकर विभाग ने देशव्यापी स्तर पर छापेमारी शुरू की थी. इस छापेमारी में बड़े स्तर पर ऐसे व्यापारी एवं कारोबारी आयकर के हत्थे चढ़े थे जिन्होनें अवैध तौर पर प्याज का भंडारण कर रखा था.

दोषियों पर होगी का कार्रवाई

आयकर विभाग पहले ही कह चुकी है कि प्याज की जमाखोरी को लेकर विभाग गंभीर है और बनाये हुए है. विभाग ने कहा है कि दाषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

English Summary: onion price decrease in madhya pradesh by the action of the government
Published on: 19 November 2019, 06:36 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now