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Updated on: 29 November, 2025 5:23 PM IST
राज्य सरकार ने गेंहू की फसल पर बोनस देने का किया ऐलान (Image Source - Freepik)

अगर आप मध्य प्रदेश के किसान हैं और गेहूं की खेती करते हैं, तो सरकार की यह घोषणा आपके लिए किसी राहत से कम नहीं है. लगातार बढ़ती लागत, खाद-बीज की कीमतों में बढ़ोतरी और मौसम की मार के बीच किसान लंबे समय से बेहतर बोनस की उम्मीद कर रहे थे. ऐसे में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गेहूं खरीद को लेकर बड़ा अपडेट दिया है.

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसानों से गेहूं की खरीद 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी. यानी किसानों को एमएसपी पर अतिरिक्त बोनस मिलेगा, हालांकि यह घोषणा किसानों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी, यह आगे समझते हैं.

राज्य सरकार ने किया गेहूं खरीद मूल्य का ऐलान

काफी समय से किसानों के बीच गेहूं खरीद को लेकर चल रही अनिश्चितता अब खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आधिकारिक तौर पर घोषणा करते हुए बताया कि इस साल भी गेहूं की खरीद 2600 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी.

हालांकि, सरकार के इस ऐलान से किसानों में पूरी तरह संतोष नहीं है, क्योंकि उनकी मांग थी कि बोनस राशि को और बढ़ाया जाए, जिससे बढ़ती लागत का बोझ कुछ कम हो सके.

किसानों को एमएसपी पर कितना मिला बोनस?

  • इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है.

  • राज्य सरकार ने इसके ऊपर केवल 15 रुपये बोनस जोड़ा है, जिससे कुल खरीद दर 2600 रुपये प्रति क्विंटल हो जाती है.

  • यह बोनस किसानों की अपेक्षाओं के मुकाबले काफी कम है. सबसे बड़ी बात- यह बोनस पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये कम है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा.

पिछले साल कितना मिला था बोनस?

  • पिछले वर्ष किसानों को गेहूं की खरीद पर बड़ा लाभ मिला था, क्योंकि राज्य सरकार ने MSP 2585 रुपये के साथ 175 रुपये का बोनस जोड़कर कुल 2760 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद की थी.

  • इससे किसानों को अच्छी कमाई हुई थी.

  • लेकिन इस बार की खरीद दर 2600 रुपये होने से सीधे तौर पर 160 रुपये प्रति क्विंटल कम मिलेंगे. उदाहरण के तौर पर: अगर किसान 100 क्विंटल गेहूं बेचता है, तो उसे पिछले साल की तुलना में 16,000 रुपये कम मिलेंगे. इससे उसकी सालाना कृषि आय पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

किसानों की क्या मांग है?

सरकार की घोषणा के बाद किसानों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है. किसान संगठन इसकी आलोचना कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि:

  • गेहूं खरीद दर कम से कम 2800 रुपये प्रति क्विंटल की जानी चाहिए

  • बोनस राशि को बढ़ाया जाए

  • उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए किसान-मित्र मूल्य तय किए जाएं

कई किसान नेताओं ने कहा कि सरकार का यह फैसला किसानों की उम्मीदों के अनुकूल नहीं है, इसलिए बोनस में बढ़ोतरी अत्यंत जरूरी है.

English Summary: CM Mohan Yadav announced a bonus on wheat procurement
Published on: 29 November 2025, 12:25 AM IST

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