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बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में 27-28 जून 2026 को आम समागम आयोजित होगा। इसमें प्रदर्शनी, कार्यशाला और किसान-वैज्ञानिक सम्मान समारोह मुख्य आकर्षण होंगे।
भागलपुर के बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आगामी 27 एवं 28 जून 2026 को दो दिवसीय 'आम समागम-2026' का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य विषय 'स्वाद, संस्कृति और समृद्धि का संगम' रखा गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल करेंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
तैयारियों की समीक्षा के लिए विश्वविद्यालय में कुलपति डी. आर. सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों और वैज्ञानिकों ने आयोजन की रूपरेखा, प्रदर्शनी और सम्मान समारोह को अंतिम रूप दिया। डी. आर. सिंह ने बताया कि यह आयोजन केवल स्वाद का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
समागम के दौरान 'आधुनिक तकनीक से गुणवत्तायुक्त आम उत्पादन, भंडारण एवं प्रसंस्करण' विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, फसल सुरक्षा और ब्रांडिंग जैसे विषयों पर व्याख्यान देंगे। यह कार्यशाला किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए विशेष लाभकारी होगी।
आयोजन का एक बड़ा आकर्षण सैकड़ों आम किस्मों की प्रदर्शनी होगी। आयोजन समिति ने किसानों से अपील की है कि वे अपने बागों की उत्कृष्ट किस्मों को प्रदर्शनी के लिए लाएं, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही आम आधारित उत्पादों और कृषि नवाचारों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम में 'किसान-वैज्ञानिक सम्मान समारोह' का आयोजन होगा, जिसमें बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड के चयनित उत्पादकों को 'बेस्ट मैंगो फार्मर अवार्ड' से नवाजा जाएगा। इसके तहत प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। आम उत्पादन और प्रसंस्करण में जुटी पांच महिला उद्यमियों को भी विशेष सम्मान मिलेगा। साथ ही, आम अनुसंधान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
मनोरंजन के लिए आम प्रेमियों के बीच 'मैंगो ईटिंग प्रतियोगिता' आयोजित की जाएगी, जिसमें नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। समागम के दौरान आम विषय पर आधारित एक फिल्म, पुस्तक और स्मारिका का लोकार्पण भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह मंच किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच संवाद का जरिया बनेगा और आम उत्पादन को नई राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।