फसल बीमा के नाम पर किसानों को मिल रहा दो रुपए मुआवजा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर एक राज्य में किसानों से फसल बिमा कराए गए. लेकिन फसल बीमा को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य का एक ऐसा ही मामला सामने आया है. छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री  फसल बीमा योजना के तहत किसानों ने 70 रूपयें प्रीमियम प्रति एकड़ की दर से बीमा कराया था. यदि किसी भी आपदा में फसल ख़राब होती है, तो किसानों को क्लेम करने पर बीमा कंपनियों द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी. लेकिन कई जिलों से शिकायत आई है कि अब जब बीमा का पैसा देने का वक्त आया तो बीमा कंपनिया किसानों के खाते में दो या चार रुपए जमा करा रही है. इससे किसान गुस्से में है. छतीसगढ़ प्रगतिशील किसान संघ ने इसके विरोध में आन्दोलन करने की चेतावनी दी है. ज्ञात रहे पिछले साल कम वर्षा के चलते राज्य की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था. जिसमें राज्य और केंद्र सरकार ने किसानों की मदद करने की कोशिश कर रही है.  इस राज्य में इफको टोकियो और रिलायंस ने किसानों के बीमे किए थे. किसानों द्वारा लगभग 127 करोड़ का प्रीमियम चुकाया गया था. इसके अलावा राज्य सरकार ने 85 करोड़ और केंद्र सरकार ने भी 85 करोड़ बीमा प्रीमियम का भुगतान किया था. इन कंपनियों  द्वारा किसानों को लगभग 1500 करोड़ का मुआवजा देना था. जबकि अभी तक मात्र 410 करोड़ का ही भुगतान किया गया है. यह पूरा पैसा 30 अप्रैल तक दिया जाना था जबकि अभी तक नहीं दिया गया है. मुआवजा के नाम पर किसानों के खाते में मात्र दो या चार रुपए ही कंपनी जमा कर रही है. राज्य के कृषि विभाग से भी बीमा कंपनियों को सख्त हिदायत दी गयी थी. अब किसान इसके विरोध में कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.                                                                                                                 

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