गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, असम, मेघालय और उत्तरी बंगाल में भारी बारिश के बाद जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना

मौसम विभाग ने गुजरात क्षेत्र में अगले तीन दिनों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। इसके साथ ही इस पूरे सप्ताह कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना भी जारी की गई है।

इस चेतावनी के कारण विभिन्न नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। इस कारण अगले तीन दिनों के विभिन्न क्षेत्रो के लिए चेतावनी निम्नलिखित है।

दमन गंगा बेसिन –  अगले 48 घंटों के दौरान महाराष्ट्र के नासिक जिले में गुजरात में वलसाड और केंद्रशासित प्रदेश दमन और दीव के दमन में दमनगंगा बेसिन में  जलस्तर में तेजी से वृद्धि होगी। वर्तमान में गुजरात के वलसाड जिले में स्थित मधुबन बांध में जलस्तर में वृद्धि होगी और भंडारण बढेगा।

मुंबई –  उत्तरी कोंकण क्षेत्र में 26 जून को अत्यधिक वर्षा की चेतावनी के साथ-साथ एक दो स्थानों पर बहुत अधिक वर्षा और ज्वारभाटा को देखते हुए शहरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति हो सकती है।

पश्चिमी दिशा में बहने वाली नदियों की घाटी की स्थिति –  अगले पांच दिनों में बारिश की संभावना के चलते पश्चिमी घाट से निकलने वाली और अरब सागर में बहने वाली नदियों में तेज़ी से जल स्तर में वृद्धि हो सकती है। महाराष्ट्र में ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग तथा कर्नाटक में उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलो में नदियों में तेजी से जलस्तर में वृद्धि होने के कारण राजमार्ग के किनारेपुराने पुलों और कोंकण रेलवे मार्ग में आवश्यक सावधानी बरते जाएं।

कृष्णा बेसिन -  कृष्णा और इसकी सहायक नदियों में महाराष्ट्र के सतारा, सांगली, कोल्हापुर,पुणे और शोलापुर जिलों में जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। कृष्णा नदी की घाटी के अधिकतर बांधो में कम भंडारण होने होने के कारण महाराष्ट्र में बांध में जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।

ब्रह्मपुत्र बेसिन – पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तीस्ता और इसकी सहायक नदियों में जलपाईगुड़ी और कूच बिहार जिलों में जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। सिक्किम और पश्चिम बंगाल में इन नदियों से जुड़े क्षेत्रों में आवश्यक सावधानी रखने की आवश्यकता है। अरुणाचल प्रदेश और असम के सियांग, पूर्वी और पश्चिमी केमांग, लखीमपुर, धीमाजी, जोरहाट, सोनितपुर, बारपेटा, चिरांग, गोपालपाढ़ा, बोंगिया, कोकराझाड़, दक्षिणी सालमाड़ा और धुब्री जिलों में अगले तीन से पांच दिनों तक कड़ी निगरानी रखी जाए।

बराक बेसिन –  बराक नदी और असम के काकर हेलाखंडी और करीमगंज जिले में इसकी सहायक नदियों तथा मनु, गुमटी, होरा और त्रिपुरा में इसकी सहायक नदियों में वर्षा की स्थिति पर जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है।

इस संबंध में राज्य संबंधी स्थिति और भविष्यवाणी के लिए http://india-water.gov.in/ffs और http://120.57.32.251 से प्राप्त की जा सकती है।

Comments