किसान हमारे ही परिवार के सदस्य - अंशुल खडवालिया

Anshul Khadwalia

भारत में सरकार से लेकर आम इन्सान तक कहता है कि किसान इस देश का अन्नदाता है. किसान भारत की 1 अरब से अधिक जनसंख्या का पेट भरने में अहम भूमिका निभा रहा है, जो हम सब के लिए सोचता है लेकिन क्या कभी किसी ने सिर्फ किसानों के हित के लिए सोचा है. यूँ तो सरकार और निजी क्षेत्र के बहुत से लोग किसानों के लिए कार्य कर रहे हैं लेकिन मायने वो रखता है कि किसानों की जरूरतों को समझकर किसानों के लिए पूरी तरह से कौन समर्पित है क्योंकि किसान का सच्चा साथी वही होता है जो उसको गहराई से समझकर पूरी तरह से उसका साथ दे.

अपने आप को पूरी तरह से किसानों को समर्पित करने के लिए आर.एस. खडवालिया ने लगभग 23 साल पहले इंडोफार्म की शुरुआत कर किसानों के साथ मिलकर इसे एक नए मुकाम पर पहुँचाया. ठीक उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके पुत्र और कंपनी के सीओओ अंशुल खडवालिया  कंपनी के साथ-साथ किसानों को भी आगे बढ़ा रहे है. अंशुल खडवालिया अपने आप को एक कंपनी का मालिक बाद में, किसान पहले मानते हैं. उनकी कार्यशैली बिल्कुल अलग है वो किसानों के बीच और कंपनी में हर समय सक्रिय रहते हैं. उनकी इसी सक्रियता के कारण ही इंडोफार्म कंपनी हर दिन नयी उंचाईयों को छूती जा रही है. इसके इस कंपनी की गतिविधियों के विषय में हमने इंडोफार्म की उत्पादन यूनिट का भ्रमण कर इसकी गतिविधियों को जानकर इस सन्दर्भ में अंशुल खडवालिया से खास बातचीत के कुछ मुख्य अंश पेश है.

इंडोफार्म के विषय में आप क्या बताना चाहेंगे ? 

भारत किसानों का देश है, यहाँ पर लगातार किसानों की जरूरतें बढती जा रही हैं. ऐसे में हम पिछले 23 सालों में कंपनी के रूप में नहीं बल्कि किसान परिवार के रूप में उभरकर सामने आए है. हम मुख्य रूप से ट्रैक्टर, क्रेन और लोडर के निर्माता है. हम यह कार्य बड़े पैमाने पर कर रहे है. हमारा मुख्य फोकस एरिया देश के किसान हैं उनके लिए हम 20 से 90 एच.पी. तक के ट्रैक्टर का निर्माण करते हैं. इस समय कंपनी का समय का टर्नओवर 500 करोड़ के पार है.  

मार्किट प्रतिद्वंदिता  के बारे में आप क्या समझते है ?

भारतीय ट्रैक्टर बाजार में हर साल लगभग 9 लाख से अधिक ट्रैक्टरों का निर्माण होता है. जिसमें 10 से अधिक ट्रैक्टर कंपनियों द्वारा इनका निर्माण किया जाता है. इसलिए जहाँ तक प्रतिद्वंदिता का सवाल है तो वो तो है. वैसे भी खेती में मशीनरी का उत्पादन तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है, किसान भी अधिक उत्पादन चाहता है. इसके लिए उसको गुणवत्ता वाले उत्पाद चाहिए जो उसके भरोसे पर खरे उतरे. इसलिए इंडोफार्म किसानों को वही उत्पाद दे रही है जो उनको चाहिए. इसलिए प्रतिस्पर्धा को सामान्य नजरिए से देखते है. 

उत्पाद गुणवत्ता श्रेणी और अनुसन्धान के विषय में आप क्या बताना चाहेंगे ?

हमारे पास 20 एच. पी. से लेकर 90 एच.पी. के ट्रैक्टर का उत्पादन करते ह. इसके अलावा हम अन्य कृषि उपकरण जैसे कि रोटावेटर आदि भी बनाते है. हर साल हम लगभग 9000 से अधिक ट्रैक्टर का उत्पादन करते है. जो कि सिंगल शिफ्ट में किया जाता है, लेकिन हम 3 शिफ्ट में कार्य करने की क्षमता रखते हैं. जहाँ तक अनुसन्धान कि बात है, तो हमारे पास विश्व स्तरीय कृषि अनुसन्धान केंद्र हैं जिसमें कि 60 से अधिक पेशेवर लोग काम करते हैं. जहाँ तक तक गुणवत्ता का सवाल है तो हम एकमात्र ऐसी कंपनी है जो उच्च गुणवत्ता वाले पार्ट्स ट्रैक्टर्स के साथ देते हैं. 

कंपनी का डोमेस्टिक मार्किट और एक्सपोर्ट में क्या स्थिति है ?

जहाँ तक कंपनी के एक्सपोर्ट सवाल है तो विश्व के 50 से अधिक देशों में हम अपने उत्पाद सप्लाई करते है. कंपनी में एक्सपोर्ट से अधिक हिस्सेदारी डोमेस्टिक मार्किट की है. लेकिन इस समय हमारा ध्यान एक्सपोर्ट पर भी अधिक है . ताकि हम डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट को बराबर की श्रेणी में रख सके. अंतराष्ट्रीय बाजार में हमारी अहम हिस्सेदारी है. भारत के लगभग सभी राज्यों में हम कार्य कर रहे है. भारतवर्ष में 350 से अधिक हमारे डीलर डिस्ट्रीब्यूटर हैं. अगले कुछ सालो तक हमारे लक्ष्य इसको तीन गुणा करना है.

किसानों को अधिक सुविधाए देने के लिए आपकी क्या प्लानिंग हैं ?

किसानों को और अधिक सुविधाए देने के लिए हम बहुत जल्द किसान सेंटर शुरू करने वाले हैं जिसके जरिये किसानों को कृषि की सभी सुविधाय जैसे खाद, बीज कृषि जानकारी आदि दी जाएगी. इसके अलावा हम किसानों के लिए एक एप भी बना रहे हैं जिसके माध्यम से किसानों को डिजिटल मीडिया के माध्यम से किसानों को जानकारी मुहैया करायी जाएगी. यदि कोई  किसान ट्रैक्टर खरीदना चाहता है तो हम उसको कर्ज सुविधा भी मुहैया करा रहे हैं. इसके लिए हमने एनबीऍफसी और अन्य निजी बैंको के साथ टाई अप किये हैं. हम किसानों की बहुत इज्जत करते हैं हम चाहते हैं की हर तरह से किसानों को सपोर्ट करें. किसान अपना पुराना ट्रैक्टर बेचकर नया भी खरीद सकते है उसमें हम उनकी पूरी मदद कर रहें हैं.  

किसानों की आथिक स्थिति को किस नजरिए से देखते है ? 

किसान इस देश का अन्नदाता है.  इसलिए ,-पहले किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होना आवश्यक हैं तभी देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. किसानों से मेरा अनुरोध है, कि वो कृषि के आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल अधिक से अधिक करें ताकि अच्छा  लाभ ले सके. किसान अच्छी और टिकाऊ फार्म मशीनरी का उपयोग करेद्य  इससे उनका उत्पादन और आय दोनों बढ़ेगी.  इससे उनकी स्थिति और भी मजबूत होगी .  

 

मुख्य बिंदु

  1. 9000 से अधिक ट्रैक्टर उत्पादन प्रतिवर्ष
  2. 3 शिफ्ट में कार्य करने की क्षमता यानी 36000 ट्रैक्टर प्रति वर्ष बना सकते है.
  3. अनुभवी मार्केटिंग अनुसन्धान केंद्र में 60 से अधिक पेशेवर कर्मी .
  4. फील्ड में कार्य करने वाली कई अनुभवी टीम
  5. ट्रैक्टर में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादो का प्रयोग .
  6. क्षेत्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजार में अच्छी पकड़
  7. किसानों को पूरा पूरा सहयोग
  8. गुणवत्ता मानको पर खरे उत्पाद .

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