बिचौलियों के चक्कर में न फंसे किसान - के. आर. बध्री नारायणन

जब मानव प्रजाति का इस धरती पर जन्म हुआ था उस समय उनको यह भी नहीं पता था कि उसको क्या खाना है और क्या नहीं. सबसे पहले मानव पेड़-पौधे, पत्तियां और कच्चा मांस खाकर अपना जीवन यापन करते थे लेकिन समय के अनुसार सब कुछ बदलता चला गया. मानव को पता लगा कि उसे क्या खाना चाहिए और क्या नहीं. खट्टा, मीठा और नमकीन स्वाद का पता चला और खाद्य पदार्थों का स्वाद हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया. आज हम बिना खाए-पिए बिना नहीं रह सकते. इस खाने से हमारा पेट भरता है दिन भर काम करने की एनर्जी मिलती है यह सब हमें खेतों और जंगल से ही प्राप्त होता है.

भारतीयों के स्वाद को बनाए रखने के लिए हमारे देश के मसाले एक अहम स्थान रखते है. भारत एक बड़ा मसाला उत्पादक देश है. यहाँ के मसालों ने भारत को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिलाई है. बहुत सारी मसाला कंपनिया देश की जनता को बेहतरीन स्वाद के लिए मसाले उपलब्ध करा रही है लेकिन आची ग्रुप एक ऐसी कंपनी है जो मसाले खाने वालों के साथ इनको उगाने वालों का भी ख्याल रख रही है. आची ग्रुप के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट के. आर. बध्री नारायणन ने बातचीत के दौरान बताया की कैसे आची ग्रुप किसानों के लिए काम कर रही है.  पेश है कुछ मुख्य अंश..

आची ग्रुप के विषय में आप क्या बताना चाहेंगे ?

आची ग्रुप की शुरुआत साल 1995 में ए.डी. पदमसिंह द्वारा की गई. इस कंपनी की शुरुआत के पीछे उद्देश्य था कि अपने ग्राहकों को बेहतर शुद्ध और गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराए. तभी से आची ग्रुप अपने लक्ष्य को पूरा करते हुए अपने अपने ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतर रही है. इस कंपनी  ने अपनी एक अलग पहचान बनायीं है.  

देश में मसाला उद्योग के मौजूदा हालात को किस नजरिए से देखते हैं ?

यह तो सभी जानते है कि हमारे देश के मसाले सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्वस्तर पर अपनी एक अलग पहचान रखते हैं. आज भारतीय मसालों का स्वाद पूरा विश्व चखता है. क्षेत्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में भारतीय मसालों की स्थिति अच्छी है. क्षेत्रीय बाजार में मसालों की मांग के साथ अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की मांग को भी हम पूरा कर रहे हैं. मुझे लगता है भारतीय मसाला उद्योग इस समय बहुत सही है और यह तेजी बढ़ रहा है. हर साल भारत में जीरा, सौंफ, काली मिर्च, लाल मिर्च, धनिया, इलाइची, हल्दी आदि मसालों का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है. 

आची ग्रुप के मुख्य उत्पाद कौन से हैं ?

आची ग्रुप मुख्य रूप मसालों की अग्रणी निर्माता कंपनी है, हम सभी प्रकार के मसाला, मसाला पाउडर, नार्थ इंडियन मसाले, राइस पेस्ट वेरायटीज, आचार, वेज, नॉन वेज मसालें का निर्माण करते हैं. इसके अलावा हम मिनरल वाटर और प्रोसेस्ड उत्पादों का भी निर्माण करते हैं. हमारे पास 60 से अधिक तरह के मसालें हैं.

आची ग्रुप का कारोबार किस स्तर पर फैला है ?

आची ग्रुप कंपनी भारत के लगभग सभी राज्यों में कार्य कर रही है. भारत में हमारे 4000 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर और 12 लाख से अधिक रिटेलर्स हैं .इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आची ग्रुप किस स्तर पर कार्य कर रही है. विश्व के 30 से अधिक देशों में हम अपने मसाले निर्यात करते हैं. यू.एस.ए., कनाडा, बेल्जियम, हॉलैंड, फ्रांस, डेनमार्क, स्वीडन, जर्मनी, यू.ए.ई. जैसे देशों में हम अपने उत्पाद एक्सपोर्ट कर रहे हैं. 

आची ग्रुप के उत्पादन एवं अनुसन्धान के विषय में कुछ बताईये?

हमारी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जो कि आईएसओ द्वारा प्रमाणित है. इसकी क्षमता प्रतिदिन 120 मीट्रिक मसाला उत्पादन करने की है. यदि हम उत्पादों की गुणवत्ता के विषय में बात करे तो हमारे पास विश्वस्तर का आधुनिक तकनीक से लैस अनुसन्धान केंद्र है. इस अनुसन्धान केंद्र में पेशेवर वैज्ञानिकों की टीम मेहनत करके उत्पाद को बेहतर से बेहतर बनाने का काम करती है. अनुसन्धान टीम में वैज्ञानिक उत्पाद को गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम  भूमिका निभाते हैं. सभी उत्पाद पूरी टेस्टिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद बाजार में लाये जाते हैं. आची ग्रुप के सभी उत्पाद एफएसएसएआई द्वारा प्रमाणित है.

आची ग्रुप किसानों को समृद्ध बनाने में क्या भूमिका निभा रही है ?

यह बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है, किसान हमारे देश की तरक्की में एक अहम कड़ी है. कृषि पर ही भारत की आर्थिक स्थिति निर्भर करती है इसलिए किसान हमारे अन्नदाता है. जैसा मैंने पहले बताया कि आची ग्रुप  का शुरुआत से ही उद्देश्य रहा है कि मसाले खाने वाले और उगाने वाले दोनों को लाभ पहुंचे. इसलिए हम किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए जितना भी कच्चा माल होता है वह सीधा किसानों से खरीदते हैं. इसमें कोई भी बिचौलिए या कोई दलाल नहीं होता है. जैसा की सभी जानते हैं कि हमारे देश में बिचौलियों की एक बड़ी समस्या है. इसलिए हमने किसानों को इस समस्या से बचाने के लिए सीधे उनसे माल खरीदते है इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलता है जिससे किसान भी खुश रहता है और हम भी. यदि कोई कच्चा माल (मसाले) बेचना चाहता है तो वो सीधा हमारी कंपनी से संपर्क कर सकता है.  

किसान कैसे अधिक मुनाफा कम सकते हैं ?

यदि किसानों को अधिक मुनाफा चाहिए तो उनको खेती में आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करना जरुरी है. इसी के साथ उनको चाहिए कि वो कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर खेती करें. किसानों के लिए जरुरी है कि वो जब भी अपना उत्पाद बेचने जाए तो बिचौलियों के चक्कर में न पड़े. सीधा क्रेता से संपर्क करें और अपने उत्पाद के ताजा भाव की जानकारी जरुर रखे. तो किसानों को इससे अच्छी आय प्राप्त होगी. क्योंकि एक किसान के लिए उसके उत्पाद का सही मूल्य बहुत मायने रखता है. 

-इमरान खान

 

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