मेंथा तेल उत्पादन जागरुकता के लिए एस.एल.सी.एम का कार्यक्रम

देश में कृषि की बेहतर सेवाएं प्रदान करने वाली एवं किसानों की हितैषी सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट कंपनी ने मेंथा ऑयल के उत्पादन के लिए जागरुकता प्रदान करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आयोजित किया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य किसानों को मेंथा ऑयल का उत्पादन कर उसे देश में बिक्री करने की संपूर्ण जानकारी देना था। इस दौरान कई प्रमुख मेंथा ऑयल ट्रेडर्स व कृषि उद्दोग से जुड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया।

एस.एल.सी.एम भारत का प्रमुख  मेंथा ऑयल उत्पादक कंपनी है जो देश में किसानों को मेंथा ऑयल उत्पादन के लिए प्रेरित करने के साथ अच्छी गुणवत्ता प्राप्त कर भारत को विश्व का प्रमुख मेंथा ऑयल उत्पादक बनाने के लिए प्रयासरत है। इस कार्यक्रम में कंपनी के सी.ई.ओ संदीप सभरवाल ने कहा कि एस.एल.सी.एम की कुछ नवीनतम तकनीकियों जैसे एग्री रीच द्वारा कृषि उत्पादकों के भंडारण में होने वाली हानि को बिल्कुल कम कर देगा। कृषि के लिए आधुनिक एवं अच्छी तकनीकियों को प्रदान करना हमारा सौभाग्य होगा।

कंपनी ने पिछले साल के मेंथा ऑयल डिपाजिट अभियान के अन्तर्गत विजेताओं को पुरुस्कृत सम्मानित किया। इस दौरान कंपनी के रजनीश अग्रवाल( वी.पी, प्रोक्यरमेंट), वेदपाल हुड्डा ( हेड-ऑपरेशंस), जय कुमार ( सीनियर मैनेजर- प्रोक्यरमेंट) ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व पुरुस्कार दिए। इन विजेताओं में हर्बोकम इंडस्ट्रीज, गुप्ता ट्रेडर्स, वर्मा ट्रेडिंग कंपनी, एस.एस ऐरोमेटिक एग्री प्रोडक्ट्स, कच्चा धान ऑयल प्रोडक्ट्स, बी.एल इंटरप्राइज़ेस, जय माता दी ट्रेडर्स, श्री राम केमिकल्स शामिल थे।

इस बीच एस.एल.सी.एम की वैज्ञानिक तरीके से भंडारण क्षमता व कुशलता एवं कंपनी के प्रोपाइटरी टेक्ननालॉजी एग्री रीच जिसका पेटेंट अभी लंबित है। इसके द्वारा भारत व म्यामार में 735 कमोडिटीज़ के लिए कार्य किया जा रहा है। इस तकनीक के द्वरा कटाई उपरान्त होने वाले हानि से किसानों को तक छुटकारा मिल जाएगा। जो कि वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ता है जबकि इसकी मदद से यह 10 प्रतिशत 0.5 प्रतिशत तक आ जाएगी। इसका अध्ययन फिकी द्वारा भी किया गया है।

कंपनी के सी.बी.ओ प्रोक्यरमेंट राजेश बंसल ने कहा भारत मेंथा ऑयल का प्रमुख उत्पादक व निर्यातक है। इस प्रकार के जागरुकता के लिए कार्यक्रमों द्वारा किसानों व व्यापारियों को लाभ मिलेगा। 1 जनवरी 2018 तक एस.एल.सी.एम देश में 2193 वेयरहाउस व 19  कोल्ड स्टोरेज का नेटवर्क है।

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