सब्जियों के गिरे दामों से लोगों को राहत

सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम घट गए हैं। नए साल के आगमन पर गृहणियों को राहत मिली है। अब उनकी रसोई में सब्जियों की बहार है। इससे पूर्व सब्जियों के दाम आसमान छू रहे थे  जिससे लोगों को सब्जी खरीदना आफत बना हुआ था। जहां लोग एक किलो सब्जी खरीदते थे, वहीं वे आधा किलो में ही गुजारा कर रहे थे, लेकिन गत 2 सप्ताह से सब्जियों के दाम घटने से लोग सब्जियों की खूब खरीदारी कर रहे हैं। इससे पहले जहां प्याज 60 रुपए प्रति किलो मिल रही थी वहीं अब यह 50 रुपए प्रति किलो मिल रही है।

सब्जी        पहले   अब
लहुसन      80      60

टमाटर      30      20

मटर        40      30

गाजर       40      20

पत्ता गोभी   40     30

फूल गोभी   40     30

आलू         15     10

अदरक      60     50

हालांकि उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड एक बार फिर कीमतों में गरमी ला सकती है। मंडियों में नए आलू की आवक से इसकी कीमतें जमीन पर आ गई हैं। महज 2 सप्ताह में टमाटर भी 60 प्रतिशत से अधिक सस्ता हो गया है। प्याज के दाम भी धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। हालांकि थोक मंडियों के मुकाबले खुदरा बाजार में कीमतों में गिरावट कम हुई है।

खुदरा बाजारों में नहीं दिखाई दी गिरावट
थोक बाजार में आलू, प्याज और टमाटर के दामों में जितनी गिरावट हुई है उतनी गिरावट खुदरा बाजार में देखने को नहीं मिल रही है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मुम्बई में आलू 20 रुपए, प्याज 50 रुपए और टमाटर 24 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं दिल्ली में आलू 16 रुपए, प्याज 50 और टमाटर 30 रुपए किलो तक बिक रहा जो पिछले महीने क्रमश: 21 रुपए, 60 रुपए और 62 रुपए किलो मिल रहा था।



फसल ज्यादा होने का अनुमान
आलू, प्याज और टमाटर सस्ते होने की वजह नई फसल की आवक को बताया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल आलू की पैदावार ज्यादा होने वाली है। इस साल इसका उत्पादन 4.90 करोड़ टन के पार जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।



कोहरे से फसलों को नुक्सान होने की आशंका
आलू और टमाटर के दाम कम होने से आम आदमी राहत की सांस ले रहा है लेकिन इस पर मौसम की मार पडऩे की आशंका गहराती जा रही है। कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत एक बार फिर मिल रहे हैं। उत्तर भारत में कोहरे और शीत लहर के कारण आलू और टमाटर की आवक प्रभावित हो रही है। कोहरे और कड़ाके की ठंड से फसलों को नुक्सान होने की आशंका गहरा गई है। 

Comments